जब भी कोई चर्चित कंपनी अपना आईपीओ लाती है, तो शेयर बाजार में हलचल होना लाजिमी है। अब ‘Kissht’ ब्रांड के जरिए पहचान बनाने वाली OnEMI Technology भी पब्लिक इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी में है।
यह आईपीओ 30 अप्रैल 2026 से निवेशकों के लिए खुल चुका है। अगर आप इसमें पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ नाम देखकर फैसला न करें। कंपनी की वित्तीय सेहत को बारीकी से समझना आपके लिए जरूरी है।
- आईपीओ की तारीख: 30 अप्रैल 2026 से 5 मई 2026 तक।
- कुल फंड जुटाने का लक्ष्य: ₹925.92 करोड़।
- मुख्य व्यवसाय: डिजिटल लेंडिंग और पेमेंट समाधान।
- निवेश का आधार: कंपनी का लोन पोर्टफोलियो और तकनीकी पकड़।
- बाजार की स्थिति: डिजिटल अर्थव्यवस्था की तेजी का फायदा उठाने की कोशिश।
OnEMI Technology का बिजनेस मॉडल क्या है?
OnEMI Technology मुख्य रूप से फिनटेक क्षेत्र में काम करती है। कंपनी ‘Kissht’ ब्रांड के जरिए उन लोगों को लोन देती है, जो पारंपरिक बैंकों की पहुंच से बाहर हैं।
इनका पूरा बिजनेस डिजिटल है। कंपनी डेटा और एआई का इस्तेमाल करके ग्राहकों की क्रेडिट हिस्ट्री चेक करती है और फिर तुरंत लोन बांटती है।
कंपनी इस फंड का क्या करेगी?
आईपीओ में सबसे जरूरी बात यह होती है कि कंपनी जुटाए गए पैसे का क्या करेगी। OnEMI Technology ने साफ किया है कि ₹925.92 करोड़ की यह राशि उनके ऑपरेशंस को बड़ा बनाने के काम आएगी।
“डिजिटल लेंडिंग आज भारत की बढ़ती खपत का एक बड़ा इंजन बन चुकी है। OnEMI जैसी कंपनियां क्रेडिट गैप को भरने का काम कर रही हैं।”
फंड का बड़ा हिस्सा इन तीन कामों में खर्च होगा:
- लोन बुक का विस्तार: ज्यादा लोगों को कर्ज देने के लिए पूंजी की जरूरत।
- तकनीकी अपग्रेड: अपने ऐप और एल्गोरिदम को और बेहतर और सटीक बनाना।
- मार्केटिंग और ब्रांडिंग: नए शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाना।
आईपीओ के मुख्य आंकड़े: एक नजर में
पैसा लगाने से पहले कंपनी के आंकड़ों को समझना जरूरी है। यह तालिका आपको आईपीओ की महत्वपूर्ण जानकारी देगी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आईपीओ ओपनिंग | 30 अप्रैल 2026 |
| आईपीओ क्लोजिंग | 5 मई 2026 |
| कुल इश्यू साइज | ₹925.92 करोड़ |
| सेक्टर | फिनटेक / डिजिटल लेंडिंग |
क्या आपको अभी आवेदन करना चाहिए?
यह फैसला पूरी तरह आपकी जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर है। फिनटेक बाजार में बहुत भीड़ है और बड़ी कंपनियां भी मुकाबले में हैं।
निवेश करने से पहले कंपनी के पिछले तीन साल के मुनाफे और कर्ज का हिसाब जरूर देखें। अगर कंपनी का एनपीए (Non-Performing Assets) कम है, तो यह एक अच्छा संकेत माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
OnEMI Technology आईपीओ के लिए आवेदन कैसे करें?
आप अपने डीमैट अकाउंट के जरिए ASBA का इस्तेमाल करके इस आईपीओ में हिस्सा ले सकते हैं। ज्यादातर ब्रोकिंग ऐप्स के आईपीओ सेक्शन में जाकर आप आसानी से बोली लगा सकते हैं।
क्या Kissht और OnEMI एक ही हैं?
जी हां, OnEMI Technology ही पैरेंट कंपनी है जो Kissht ब्रांड चलाती है। Kissht इनका कंज्यूमर-फेसिंग लेंडिंग प्लेटफॉर्म है।
इस आईपीओ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कंपनी ₹925.92 करोड़ जुटाकर अपने लोन पोर्टफोलियो को फैलाना चाहती है। इसके अलावा, कंपनी अपनी तकनीक और कामकाज को और बेहतर बनाने पर ध्यान देगी।
खुदरा निवेशकों के लिए लॉट साइज क्या है?
लॉट साइज की जानकारी कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दी गई है। आवेदन करने से पहले अपने ब्रोकर के प्लेटफॉर्म पर जाकर अपडेटेड लॉट साइज जरूर चेक कर लें।
आईपीओ में निवेश करना कितना सुरक्षित है?
शेयर बाजार में जोखिम तो होता ही है। फिनटेक कंपनियों पर सरकारी नियमों का असर जल्दी पड़ता है, इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी का प्रॉस्पेक्टस जरूर पढ़ें।
निष्कर्ष
OnEMI Technology का आईपीओ उन लोगों के लिए एक मौका हो सकता है जो डिजिटल लेंडिंग में रुचि रखते हैं। कंपनी का बिजनेस मॉडल तो साफ है, लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव को भूलना नहीं चाहिए।
पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें और अपनी जोखिम क्षमता को परखें। बाजार में जोश के साथ-साथ समझदारी से लिए गए फैसले ही लंबे समय में काम आते हैं।
Source: upstox.com
