बाजार खुलने के साथ ही क्या आपको भी पसीने छूट गए थे? 29 जून के कारोबारी सत्र ने फिर साबित कर दिया कि भारतीय बाजार किसी भी बड़े झटके को झेलने का दम रखता है।
सुबह लाल निशान के साथ शुरुआत होने के बावजूद निवेशकों ने धैर्य नहीं खोया। दिन चढ़ते-चढ़ते सेंसेक्स और निफ्टी ने ऐसी रिकवरी दिखाई कि पूरा माहौल ही बदल गया।
- निफ्टी ने 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल कर लिया।
- सेंसेक्स अपने निचले स्तरों से करीब 250 अंक की शानदार छलांग लगा चुका था।
- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों से ग्लोबल बाजारों को बड़ी राहत मिली।
- फार्मा शेयरों में आई खरीदारी ने इंडेक्स को गिरने से बखूबी बचाया।
बाजार की रिकवरी: क्या बदला माहौल?
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है, लेकिन आज की रिकवरी निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत है। अक्सर शुरुआती गिरावट देख लोग पैनिक सेलिंग करने लगते हैं, जो बाद में एक गलत फैसला साबित होता है।
इस रिकवरी की वजह कोई एक नहीं, बल्कि कई कारकों का मेल थी। जब बाजार गिर रहा था, तब ‘वैल्यू हंटर्स’ ने निचले स्तर पर जमकर खरीदारी की और बाजार को संभाला।
वैश्विक तनाव का कम होना
जिओ-पॉलिटिकल टेंशन हमेशा से बाजार के लिए सिरदर्द रही हैं। हालिया हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की नींद उड़ा रखी थी, लेकिन जैसे ही तनाव कम होने की खबरें आईं, बाजार ने राहत की सांस ली।
“बाजार हमेशा अनिश्चितता से डरता है। जैसे ही तनाव कम होता है, जोखिम लेने की क्षमता वापस लौट आती है, जो हम आज के कारोबार में देख रहे हैं।”
फार्मा सेक्टर बना बाजार का ‘हीरो’
बाजार में जब भी अस्थिरता होती है, फार्मा सेक्टर अक्सर एक सुरक्षित पनाहगाह (Safe Haven) की तरह काम करता है। इस बार भी फार्मा शेयरों ने न केवल खुद को संभाला, बल्कि निफ्टी को ऊपर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
| सेक्टर | प्रदर्शन | बाजार पर प्रभाव |
|---|---|---|
| फार्मा | मजबूत | सकारात्मक |
| आईटी | सामान्य | तटस्थ |
| बैंकिंग | उतार-चढ़ाव | मिश्रित |
निवेशकों के लिए सबक
बाजार में निवेश करते समय हमेशा ‘डिप’ पर खरीदारी की रणनीति काम आती है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो रोजाना के उतार-चढ़ाव से परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- अपनी निवेश रणनीति पर अडिग रहें।
- पोर्टफोलियो में फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर को जरूर जगह दें।
- ग्लोबल खबरों के असर को गहराई से समझने की कोशिश करें।
Frequently Asked Questions
क्या निफ्टी का 24,000 के ऊपर रहना शुभ संकेत है?
हाँ, 24,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन की तरह काम कर रहा है। इसके ऊपर टिके रहना यह दिखाता है कि बुल्स अभी भी बाजार के ड्राइवर हैं और तेजी बरकरार रह सकती है।
शुरुआती गिरावट के समय निवेशकों को क्या करना चाहिए?
घबराहट में शेयर बेचने के बजाय अपने पोर्टफोलियो की क्वालिटी देखें। अगर कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं, तो गिरावट का फायदा उठाकर उसे सस्ते भाव पर खरीदने में समझदारी है।
अमेरिका-ईरान तनाव का शेयर बाजार पर क्या असर होता है?
ऐसे तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई का खतरा पैदा करती हैं। तनाव कम होने से तेल की कीमतें स्थिर होती हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर है।
क्या फार्मा शेयरों में अभी भी पैसा लगाना सही है?
फार्मा सेक्टर में लंबी अवधि के लिए काफी संभावनाएं हैं, खासकर हेल्थकेयर पर बढ़ते खर्च को देखते हुए। हालांकि, निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर पूरी करें।
अगले हफ्ते बाजार की दिशा क्या हो सकती है?
बाजार की चाल आगे आने वाले तिमाही नतीजों और ग्लोबल संकेतों पर टिकी होगी। फिलहाल मूड सकारात्मक है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना ही बुद्धिमानी है।
निष्कर्ष
29 जून का दिन यह याद दिलाने के लिए काफी था कि भारतीय बाजार में कितना दम है। इस रिकवरी ने साबित किया कि अब निवेशक किसी भी गिरावट को खरीदारी के मौके की तरह देखते हैं।
आगे बढ़ते हुए, अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई रखें और बाजार के शोर से दूर फंडामेंटल्स पर ध्यान दें। एक अनुशासित निवेशक ही लंबी अवधि में बाजी मारता है।
Source: upstox.com

